Supreme Court orders ISKCON Temple in Bengaluru belongs to ISKCON Society Bangalore ann
इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस यानी इस्कॉन (ISKCON) से जुड़े देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है. कोर्ट ने बेंगलुरु के हरे कृष्ण मंदिर पर इस्कॉन सोसाइटी, बेंगलुरु के दावे को सही ठहराया है. इस्कॉन मुंबई का दावा कोर्ट ने गलत पाया है.
आध्यात्मिक और वैचारिक मुद्दों पर मतभेद के चलते करीब 25 साल पहले इस्कॉन बेंगलुरु ने खुद को इस्कॉन जनरल बॉडी से अलग कर लिया था. 2001 में उसने इस्कॉन के बेंगलुरु के मंदिर और दूसरी संपत्तियों पर दावा किया. 2009 में सिविल कोर्ट ने इस दावे को सही करार दिया, लेकिन 2011 में कर्नाटक हाई कोर्ट ने सिविल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए मंदिर और दूसरी संपत्तियों को इस्कॉन मुंबई के कब्जे में दे दिया.
अब सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय एस ओ का और जस्टिस अगस्टाइन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को बदल दिया है. कोर्ट ने कई एकड़ क्षेत्र में फैले हरे कृष्ण मंदिर और इस्कॉन के शैक्षणिक परिसर को मधु पंडित दासा के नेतृत्व वाले इस्कॉन बेंगलुरु को सौंप दिया है. इस्कॉन बेंगलुरु को अपनी शाखा बता रहे इस्कॉन मुंबई की दलील को जजों ने खारिज कर दिया है.
Source link
ISKCON,Legal News,SUPREME COURT, ISKCON Temple, ISKCON Temple Bengaluru, ISKCON Society Bangalore, ISKCON Society Mumbai