क्या अब जस्टिस शेखर यादव की बारी? यशवंत वर्मा के बाद एक और महाभियोग नोटिस पर सियासत तेज
जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की मांग वाले नोटिस का लगभग सभी दलों की ओर से समर्थन किए जाने के बीच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता जॉन ब्रिटास ने शनिवार (19 जुलाई, 2025) को कहा कि जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ महाभियोग के नोटिस पर भी विचार किया जाना चाहिए.
जस्टिस वर्मा इस वर्ष मार्च में दिल्ली स्थित अपने आवास के बाहरी हिस्से में आधी जली हुई नोटों की बोरियां मिलने के बाद से ही सवालों के घेरे में हैं. उस समय वे दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश थे. जस्टिस वर्मा ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि न तो उन्होंने और न ही उनके परिवार के किसी सदस्य ने भंडारगृह में पैसा रखा था.
महाभियोग के पक्ष में जॉन ब्रिटास
ब्रिटास ने कहा, ‘हमारा मानना है कि न्यायपालिका की अखंडता और पारदर्शिता बनाए रखने की जरूरत है. हम जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के पक्ष में हैं. हमने पहले ही महाभियोग प्रक्रिया का हिस्सा बनने की इच्छा व्यक्त कर दी है.’ उन्होंने कहा कि जस्टिस यादव के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग वाला नोटिस भी राज्यसभा के सभापति के पास लंबित है.
सरकार दोनों मामलों को साथ उठाए
ब्रिटास ने ‘पीटीआई’ को कहा कि जस्टिस शेखर यादव के संबंध में राज्यसभा के सभापति के पास एक नोटिस लंबित है. उनके सभी बयान भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ थे. इसलिए मुझे लगता है कि सरकार इन दोनों मामलों को एक साथ उठाएगी.
उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा है कि वह जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर विभिन्न दलों के नेताओं के साथ समन्वय कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि संसद का एकीकृत रुख सामने आए. सरकार नहीं, बल्कि पार्टी लाइन से ऊपर उठकर संसद के सदस्य जस्टिस वर्मा को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के पक्ष में हैं.
क्या था जस्टिस शेखर यादव का मामला?
पिछले साल दिसंबर में विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा में जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ महाभियोग का नोटिस पेश किया था, क्योंकि उन्होंने पिछले साल एक सभा में कथित तौर पर नफरत भरा भाषण दिया था. माकपा नेता ने यह भी कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मणिपुर के लिए बजट आवंटित करने की जिम्मेदारी संसद को सौंप दी गई है.
उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संसद को मणिपुर का बजट पारित करना पड़ रहा है. संसद को वहां राष्ट्रपति शासन फिर से बढ़ाना पड़ रहा है और हमारे माननीय प्रधानमंत्री के पास इतने सारे देशों की यात्रा करने का समय है, लेकिन मणिपुर जाने या मणिपुर के मुद्दे को संसद में उठाने का समय नहीं है.’
ये भी पढ़ें:- पीएम मोदी ने भाषण में लिया मां काली का नाम, महुआ मोइत्रा ने कसा तंज, कहा- ‘वो ढोकला नहीं खातीं’
Source link
CPM,Impeachment,John Brittas,Shekhar Kumar Yadav,Yashwant Verma,justice Yashwant Verma,Yashwant Verma Impeachment,Yashwant Verma case,justice, Shekhar Kumar Yadav,Shekhar Kumar Yadav case,hindi news,today news,जस्टिस यशवंत वर्मा,जस्टिस यशवंत वर्मा केस,जस्टिस यशवंत वर्मा महाभियोग,महाभियोग,जस्टिस शेखर यादव,हिंदी न्यूज,माकपा नेता जॉन ब्रिटास