रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग लेकर पहुंचे सुब्रमण्यम स्वामी, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया अहम निर्देश

0 0
Read Time:3 Minute, 51 Second

रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किए जाने की मांग वाली पूर्व राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा है. सुब्रमण्यम स्वामी ने रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के उनके अभ्यावेदन पर शीघ्रता से निर्णय लेने का सरकार को निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया था.

रामसेतु तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी अपतटीय क्षेत्र स्थित पम्बन द्वीप और श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र स्थित मन्नार द्वीप के बीच चूना पत्थर की एक लंबी श्रृंखला है. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की और केंद्र को नोटिस जारी किया. कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई चार हफ्ते बाद करेगा. 

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका में कहा गया है कि 2023 में कोर्ट ने उनसे केंद्र सरकार को ज्ञापन देने को कहा था, लेकिन सरकार ने उनके ज्ञापन पर फैसला नहीं लिया है. सुब्रमण्यम स्वामी की मांग है कि रामसेतु के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए उसे स्थायी संरक्षण देने की जरूरत है इसलिए, उसे राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा मिलना चाहिए.

साल 2023 में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि यह मामला संस्कृति मंत्रालय के तहत विचाराधीन है और सुब्रमण्यम स्वामी इस संबंध में अतिरिक्त सामग्री वहां प्रस्तुत कर सकते हैं. इसके बाद सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र के समक्ष एक अभ्यावेदन दाखिल किया और मई में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट नई याचिका दाखिल की. उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि इस मामले में केंद्र की तरफ से उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है.

याचिका में कहा गया है कि भारत के इतिहास और रामायण में बताया गया कि रामसेतु का निर्माण भगवान राम और उनके साथियों ने श्रीलंका जाने के लिए किया था, ताकि वह लंका नरेश रावण से माता सीता को बचा सकें. उन्होंने कहा कि इतिहास और भारतीय युग प्रणाली के अनुसार रामसेतु कई सदियों पहले बनाया गया था. उन्होंने कहा कि पता चला है कि 15वीं शताब्दी तक पुल का उपयोग किया जाता था, लेकिन तूफानों के चलते इसका उपयोग बंद कर दिया गया.

सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि एनशिएंट मॉन्यूमेंट और आर्कियोलॉजिकल साइट्स के सेक्शन 3 और 4 और रिमेंस एक्ट 1958 के तहत भारत सरकार प्राचीन स्मारकों को राष्ट्रीय महत्व का घोषित करने के लिए बाध्य है.

Source link

Legal News,Ram Setu,SUPREME COURT,subramanian swamy, Ram Setu, Subramanian Swamy, Ram Setu Ancient Monument

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Bollywood Movies Featured These 7 Beautiful Religious Shrines Of India From Coorg To Gokarna: 8 Small Towns Where You Can Retire In Peace ⁠Bucket List Landscapes for Every Travel Photographer Ganesh Chaturthi 2025 Travel Guide: 9 Iconic Temples To Seek Lord Ganesha’s Blessings 10 astonishing images of Mars captured by NASA
Bollywood Movies Featured These 7 Beautiful Religious Shrines Of India From Coorg To Gokarna: 8 Small Towns Where You Can Retire In Peace ⁠Bucket List Landscapes for Every Travel Photographer Ganesh Chaturthi 2025 Travel Guide: 9 Iconic Temples To Seek Lord Ganesha’s Blessings 10 astonishing images of Mars captured by NASA