‘मोदी को टक्कर देना आसान नहीं’ – राहुल गांधी को लेकर किस सवाल पर ऐसा बोल पड़े शंकराचार्य?
Shankaracharya on PM Modi: जगद्गुरु शंकराचार्य महाराज स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ‘1008’ ने शनिवार को देश के तमाम धार्मिक, राजनीतिक, वैश्विक मुद्दों और हालिया घटनाक्रमों पर बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को टक्कर देना आसान नहीं, लोग प्रयास कर रहे हैं, परंतु अब तक पीएम मोदी को हिला नहीं पाए हैं.
पीएम मोदी को कोई अब तक टक्कर नहीं दे सका
राष्ट्रीय राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने राहुल गांधी की स्थिति के बारे में उन्होंने कहा, “राहुल गांधी, पीएम मोदी को टक्कर देने के लिए प्रयासरत हैं. लेकिन टक्कर देना आसान नहीं है. लोग प्रयास तो कर रहे हैं, परंतु अब तक पीएम मोदी को हिला नहीं पाए हैं. वे जहां खड़े हैं, मजबूती से खड़े हैं. अब तक कोई उन्हें उस स्थान से डिगा नहीं सका है.”
वैश्विक राजनीति में मोदी की ताकत का विश्लेषण जरूरी
वैश्विक राजनीति में पीएम मोदी की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा, “यह विश्लेषण का विषय है कि वैश्विक राजनीति में वह कितनी बड़ी ताकत है. हमने देखा है कि वे अपनी पार्टी में सबसे ताकतवर हैं. जो नियम चाहते हैं, वही बनाते हैं और सभी को उनका पालन करना पड़ता है. भले ही हम विदेश न गए हों, लेकिन देश में यही देखा है कि उनकी पार्टी में उनसे अधिक ताकतवर कोई नहीं है.”
नोबेल पुरस्कार की मांग पर बोले– यह ईमानदारी है
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए नोबेल पुरस्कार की मांग करने पर उन्होंने कहा, “व्यक्ति ने जो कुछ कहा, वह कम से कम ईमानदारी से कहा. आजकल अधिकांश लोग छुपाकर बातें करते हैं, लेकिन उसने अपने विचार खुलकर व्यक्त किए, यह साहस की बात है. जो पुरस्कार मिलते हैं, वे यूं ही नहीं मिलते, उनके लिए आवेदन करना पड़ता है, सिफारिशें जुटानी पड़ती हैं, और सरकारी स्तर पर प्रयास भी करने होते हैं. ऐसे में अगर कोई खुलकर बोल रहा है कि उसने यह किया है, तो यह उसकी ईमानदारी है. बाकी लोग पर्दे के पीछे से ही प्रयास करते हैं, कम से कम यह सामने आया.”
बाबा बागेश्वर पर पैसा लेने के आरोप पर क्या बोले
कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान को लेकर उन्होंने कहा, “यदि अखिलेश यादव ने कहा है कि टेबल के नीचे से लिया जाता है, तो हो सकता है ऐसा होता हो. लेकिन हमारी जानकारी में ऐसा कुछ नहीं है. दूसरी बात, कौन नेता या पार्टी है जो पैसा नहीं लेती? क्या अखिलेश यादव या उनकी पार्टी नहीं लेती? सभी राजनीतिक दल जनता से चंदा लेते हैं, लेकिन उसका ऑडिट नहीं होता, न ही जनता को यह जानने का अधिकार है कि किसे कितना चंदा मिला. कम से कम बाबा बागेश्वर ने जो लिया, वह छिपाया नहीं, यह भी एक ईमानदारी है.”
धर्मांतरण के मामलों पर क्या बोले?
उत्तर प्रदेश में जिहाद और धर्मांतरण के मामले सामने आने पर उन्होंने कहा, “धर्मांतरण एक गंभीर विषय है और इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. किसी को बरगलाकर धर्म बदलवाना अपराध है. धर्मांतरण के बाद क्या जीवन में कोई बड़ा बदलाव आया, क्या गरीबी मिट गई, रोग खत्म हो गए, चिंताएं समाप्त हो गईं? अगर नहीं, तो इसका उद्देश्य क्या है? उन्होंने सुझाव दिया कि धर्मांतरण करने वालों का पंजीकरण होना चाहिए, जिला प्रशासन को पूर्व सूचना दी जानी चाहिए, और संवाद के लिए दोनों पक्षों के विशेषज्ञ उपस्थित होने चाहिए ताकि सत्य सामने आ सके और छल ना हो.”
कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग पर भी की टिप्पणी
कनाडा में कॉमेडियन और एक्टर कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग पर उन्होंने कहा, “यह सब राजनीति के कारण हो रहा है. कलाकारों को केवल अपनी कला तक सीमित रहना चाहिए. जब वे राजनीतिज्ञों से संबंध बनाते हैं और उसका प्रचार होता है, तो दूसरी पार्टी के लोग उन पर हमला करने का मौका खोजते हैं. इससे बचना चाहिए. एक सच्चे कलाकार को राजनीति से दूर रहकर केवल अपनी कला में लीन रहना चाहिए.”
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